जरहा धार्मिक स्थल जहाँ शहडोल संभाग का पहला सूर्य मंदिर
(दीपक केवट- 7898803849)
शहडोल।शहडोल मुख्यालय से लगभग 12 km दूर जरहा में एक ऐसा स्थान है जहां पर प्राकृतिक रूप से स्वतः ही भूमि से फव्वारे के रूप में अनवरत जल निकल रहा है।कहा जाता है कि सूर्य एवं चंद्रमा ये दोनो प्रत्यक्ष देवता है। जिनकी हर धर्म के लोग अपने अपने रीति रिवाज से पूजा करते हैं। हर सभ्यता की शुरूआत प्राचीन काल से ही कुण्ड, तालाब, नदी, समुंदर, के पास से ही हुई है।स्थानीय निवासियों द्वारा ज्ञात हुआ कि इस क्षेत्र में सूखा पड़े अथवा पानी की उपलब्धता कम हो जाए फिर भी स्वतः रूप से हमेशा जल निकलता रहता है। इसी स्थान पर प्राचीन शिवलिंग भी है। वहीं अब प्राकृतिक जल के स्रोत के पास ही एक भव्य मंदिर को स्थानांतरित कर दिया गया है। ताकि स्थानीय निवासी एवं शहडोल के लोग विधि विधान से पूजा अर्चना कर सके।
शहडोल संभाग का पहला सूर्य मंदिर
पूरे शहडोल संभाग के लिए बड़े गर्व की बात है कि इस क्षेत्र का पहला सूर्य मंदिर भी सामूहिक प्रयास से बनाया गया है। इस प्रकार यह क्षेत्र धार्मिक स्थल "जरहा धाम में परिवर्तित हो गया। इस क्षेत्र के विकास और मंदिर निर्माण में सामूहिक रूप से सभी का निशेष योगदान रहा है। विदित है कि यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और यहाँ पर स्वतः रूप से अनवरत जल का निकलना एव शिवलिंग का होना अपने आप ही इस क्षेत्र और क्षेत्रवासियों की प्राचीन काल से ही धर्म और अस्था को दर्शाता है।उल्लेखनीय है कि, एक ही स्थान पर शिवलिंग एवं प्राकृतिक जल की धारा का अननरत निकलना विचित्र संयोग है। अब यहाँ सूर्य मंदिर बन जाने से शिवलिंग जल प्रपात और सूर्य देव का वेदों में वर्णित महिमा सुनिश्चित होती है।
छठ पर्व के त्योहार के अवसर पर सूर्य मंदिर की स्थापना का महत्व और बढ़ गया है। यहाँ सभी स्थानीय लोग भविष्य में सूर्य देव की भी विशेष पूजा कर सकेगें। जिससे इस धार्मिक स्थल की महत्वता और बढ़ेगी। इस स्थान को "जरहा धाम"का नाम दिया गया है। हम सभी शहडोल वासियों को भविष्य में भी इस स्थान की पवित्रता देखभाल एवं नियमित पूजा पाठ में सुविधानुसार सम्मलित होते रहना चाहिए।ताकि इस पवित्र देव कुण्ड की पूजा एवं सूर्य मंदिर, जरहा महादेव शिवलिंग की महिमा का आशीर्वाद पूरे शहडोल एवं आस पास सभी पे बना रहे। छठ के पावन पर्व पर सूर्य मंदिर की स्थापना के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया है।ताकि इस क्षेत्र के लोग, स्थनीय ग्राम वासी जन, एवं समस्त नगरवासी इस पवित्र स्थल से परिचित हो सके और इस स्थान की पवित्रता के साक्षी हों।
छठ पर्व के त्योहार के अवसर पर सूर्य मंदिर की स्थापना का महत्व और बढ़ गया है। यहाँ सभी स्थानीय लोग भविष्य में सूर्य देव की भी विशेष पूजा कर सकेगें। जिससे इस धार्मिक स्थल की महत्वता और बढ़ेगी। इस स्थान को "जरहा धाम"का नाम दिया गया है। हम सभी शहडोल वासियों को भविष्य में भी इस स्थान की पवित्रता देखभाल एवं नियमित पूजा पाठ में सुविधानुसार सम्मलित होते रहना चाहिए।ताकि इस पवित्र देव कुण्ड की पूजा एवं सूर्य मंदिर, जरहा महादेव शिवलिंग की महिमा का आशीर्वाद पूरे शहडोल एवं आस पास सभी पे बना रहे। छठ के पावन पर्व पर सूर्य मंदिर की स्थापना के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया है।ताकि इस क्षेत्र के लोग, स्थनीय ग्राम वासी जन, एवं समस्त नगरवासी इस पवित्र स्थल से परिचित हो सके और इस स्थान की पवित्रता के साक्षी हों।


