शहडोल।डॉक्टर्स व स्टाफ की लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मृत्यु

जिला अस्पताल शहडोल फिर हुआ लापरवाह ,
डॉक्टर्स व स्टाफ की लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मृत्यु 


(दीपक केवट - 7898803849)
शहडोल।डॉक्टर्स व स्टाफ की लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मृत्यु होने व प्रसूता के गंभीर परिस्थिति से गुजरने के संबंध में नागेश भारती यादव, पुरानी वस्ती ने कमिश्नर को लिखा शिकायत पत्र लगाया डॉक्टर्स व स्टाफ की लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मृत्यु का आरोप।

यह है पूरा मामला

शिकायत में नागेश भारती यादव ने बताया कि बहन श्रीमती नीलम यादव के गर्भवती होकर नौ माह हो जाने के कारण उसे लेकर जिला अस्पताल सुबह 08:30 गया जहां डॉक्टर डी.के, सिंह के हॉस्पिटल में न होने के कारण उनके प्राईवेट क्लीनिक गये जहां पर उनके द्वारा अस्पताल पहुंचकर प्रसूता को देखने की बात कही गई।लगभग 02 घण्टे बाद डॉ डी.के. सिंह के अस्पताल आने पर प्रसूता को देखकर बोले कि अभी प्रसव में समय है आप लगभग 05 से 07 दिन बाद आना, जबकि प्रसूता को लगातार दर्द बना हुआ था।

उसके बाद हमने शाम 04:30 बजे पर्ची कटाकर अन्दर गये, ड्यूटी डॉक्टर्स के न होने के कारण नर्स ने प्रसूता को देखा और कहा कि बच्चे की धड़कन नहीं मिल रही है, आप लोग पुनः डॉ० डी.के. सिंह जी से मिलिए वो अभी अपनी प्राईवेट क्लीनिक में होंगे और वहीं सोनोग्राफी कराईये, क्योंकि जिला अस्पताल में सोनोग्राफी दोपहर 03:00 बजे के बाद नहीं होती है।डॉ० डी.के. सिंह जी की प्राईवेट क्लीनिक में पुनः जाने पर उन्होंने फिर यही कहा कि सब सामान्य है हॉस्पिटल जाईये।फिर से हॉस्पिटल वापस आने पर नर्स द्वारा प्रसूता को देख नर्स ने ड्यूटी डॉक्टर की अनुपस्थिति में उनसे फोन पर बात की व प्रसूता की गंभीरता को बताया व नर्स ने कहा कि यह फैसला डॉ डीके सिंह जी ही लेंगे।हम घबराकर डॉ0 पंकज श्रीवास्तव की प्राईवेट क्लीनिक में सोनोग्राफी कराये जहां उसकी रिपोर्ट में यह पता चला कि बच्चों मां के गर्भ में खत्म हो चुका है। जल्दी डिलीवरी कराईये अन्यथा माँ की जान को खतरा बन सकता है।हॉस्पिटल आकर सोनोग्राफी रिपोर्ट प्रस्तुत करके हम हडबडाकर जल्दी डिलीवरी कराने की मांग करने लगे, उस दौरान शिफ्ट चेंज होने पर ड्यूटी में डॉ0 निशा चतुर्वेदी जी आई, हम उनसे बात करना चाह रहे थे पर वो हमसे बात नहीं करी। हम स्टाफ की गैर जिम्मेदारी को देखते हुए 100 डायल में कॉल करके पुलिस बुलाये।पुलिस मौके पर आई और डॉ निशा चतुर्वेदी जी से बात करी तब डॉ. डीके सिंह जी को इमरजेंसी कॉलबुक भेजा गया, डॉ० साहब बोले कि मैं थक गया हूँ, नहीं आ सकता और इन्होने अपना फोन बन्द कर लिया। इमरजेंसी कॉलबुक भेजने के बावजूद भी डॉक्टर साहब हॉस्पिटल में उपस्थित नहीं हुए।डॉक्टर साहब को इन्तजार करते-करते लगभग आधे घण्टे के इन्तजार करने के बाद डॉ निशा चतुर्वेदी जी ने प्रसूता की नॉर्मल डिलीवरी कराई जिसमें नवजात शिशु मृत पाया गया।

क्या मिलेगा नागेश भारती को इन्साफ होगी इन लापरवाहों पर कार्यवाही

महोदय स्टॉफ व डॉक्टर्स की लापरवाही व गैर जिम्मेदारी की पूरी कहानी आपको प्रस्तुत है। हम संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही व दण्ड देने की मांग करते हैं।
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