शोरुम संचालक व फायनेंस कंपनी का मायाजाल,उपभोक्ता बेचारा परेशान
(दीपक केवट - 7898803849)
शहडोल।मामला शोरूम संचालक व फायनेंस कंपनी के चक्रव्यूह में फंसकर ग्राहकों के साथ बदसलूकी कर गाड़ी के कागजात न देना व धमकी देने का है।
यह है पूरा मामला
मुख्यालय अंतर्गत बुढ़ार थाना में सुन्दर बाई ने अपने दामाद के साथ थाने में हीरो होंडा शोरूम संचालक श्री ऑटो मोबाइल के नाम पर शिकायत की है कि 23 मार्च 2018 को हीरो ग्लैमर किस्तों में खरीदा था,लेकिन पीड़ित ग्राहक को अब तक कोई वाहन रजिस्ट्रेशन की कापी नही दी गई है।और गाड़ी श्री राम फाइनेंस से फाइनेंस है जिसकी लगभग 2000 कीमत बाकी हैं।जब सुन्दर बाई ने श्री राम फाइनेंस के कर्मचारियों से निवेदन कर कहा कि मुझे वाहन का रजिस्ट्रेशन दिलाइये और मुझसे पूरी रकम लीजिये,तो श्री राम फाइनेंस के लोगो ने चेक बाउंस कराकर घर मे घुसकर धमकी दिया कि हमें रकम दो नही तो कोर्ट में लाखों का जुर्माना भरना पड़ेगा। घटना के समय पीड़िता के घर में सुन्दर बाई और उनकी बेटी बस घर पर थी फिर भी श्री राम फयनेन्स वाले घर में जबरन घुस कर दुनिया भर की बाते सुनाये और पैसे के नाम पर 2 घंटे बैठे रहे जबकि घर पर समय पुरूष व कोई भी लड़के नही रहे केवल महिलाएं थी।जबरन श्री राम फाइनेंस के कर्मचारी पीड़िता के घर में 2 घण्टे रुकने का क्या मतलब था,जो कि केवल महिलाओं के रहते हुये भी घर पर बैठे रहे फिर भी नही माने तो 15 सौ रूपये नगद जबरन पीड़िता की बेटी से लेकर चले गये और बाद में फोन पर भी बोला कि पैसा जमा करो नही तो बर्बाद हो जाओगे जिससे पीड़िता सुन्दर बाई का दामाद परेशान होकर थाना बुढ़ार में जाकर इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराकर कर्रवाई की अपील की है।
पूर्व में भी कई मामले दर्ज
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व पैसों के बल पर जिले में सोहागपुर थानें की पुलिस से साठगांठ कर इसी प्रकार से झूठा आरोप लगाकर शोरुम संचालक ने ग्राहक को प्रताड़ित किया है।मजे की बात यह है कि एक रिटायर्ड फौजी के ऊपर यह झूठा आरोप लगा है। हालांकि इस मामले में सक्षम अधिकारी निष्पक्ष रूप से जांच करें तो एक बड़ा खुलासा हो सकता है।
शोरूम संचालक का फुटपाथ पर कब्जा
बुढ़ार नगर के अमरकंटक रोड कालेज तिराहे के आगे धनपुरी रोड पर संचालित इस शोरूम के संचालक द्वारा मनमानी तरिके से रोड अतिक्रमण कर फुटपाथ पर कब्जा करके शोरूम में विक्रय के लिए रखे वाहनों को रोड पर खड़ा करके आवागमन बाधित की जाती जिससे राहगीरों को काफी परेशान होना पड़ता है।इस मामले में नगर परिषद के कर्मचारी भी उदासीन है।खुले आम इस रोड व फुटपाथ पर कब्जा करने वाले पर नगर परिषद के कर्मचारी असमर्थ है।

