प्राईवेट स्कुलो कि अब नही चलेगी मनमानी,शिक्षा का व्यवसायीकरण बन्द करे अब निजी स्कूल
(दीपक केवट - 7898803849)
भोपाल। सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों के उपयोग को लेकर भोपाल में हुई बैठक में निजी स्कूल और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बहस । बैठक में भोपाल संभाग कमिश्नर ने कहा कि सभी सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें चलाई जाएं। तभी गोविंदपुरा स्थित निजी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबें चलाने से स्कूल का स्टैंडर्ड खराब होता है। इस पर कमिश्नर ने जवाब दिया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबें पढ़नी पड़ती हैं। मैं भी इन्हें पढ़कर ही आईएएस बनी हूं। उन्होंने कहा कि जब मैं आईएएस की तैयारी कर रही थी तब मुझे भी एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़नी पड़ी थीं।
एनसीईआरटी की किताबों से फायदा
बच्चों को पहले से ही ये किताबें पढ़ाई जाएं। इससे दो फायदे होंगे। पहला बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आसानी होगी। दूसरा किताबों की संख्या कम होने के साथ ही ये सस्ती भी होती हैं। बस्ते का बोझ भी नहीं बढ़ेगा।
निजी स्कूलों की मनमानी
बता दें कि निजी स्कूलों की मनमानी और एनसीईआरटी की किताबें चलाने को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है।
कमिश्नर ने कहा कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त कई निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें चलाई जा रही हैं। यह सही नहीं है। साथ ही अभिभावकों को कॉपी, किताबें, बैग, यूनिफार्म और अन्य सामग्री एक ही दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अगर कोई भी निजी स्कूल सीबीएसई की गाइडलाइन का पालन नहीं करता है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने भोपाल जिले में दस सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।अगर कमेटी द्वारा किसी भी स्कूल में निरीक्षण के दौरान या कोई भी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होगी।
