शहडोल। भू माफिया राम सागर सिंह बबुआ का एक और कारनामा धोखे से फंसाया जाल में और पार्टनर को दी धमकी

भू माफिया राम सागर सिंह बबुआ का एक और कारनामा धोखे से फंसाया जाल में और  पार्टनर को दी धमकी


 
शहडोल। भू माफिया राम सागर सिंह  बबुआ का एक और  कार नामा उजागर होने के साथ ही पार्टनरशिप में किये गये व्यवसाय में धोखे का एक मामला सामने आया है, जिसमें सोहागपुर पुलिस को एक शिकायत की गई है और उस शिकायत में आर्थिक नुकसान तो पहुंचाया ही गया। परिवार एवं नौकरों को भी जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने अब तक इस मामले में कार्यवाही को ठण्डे बस्ते में रखा है। जिला मुख्यालय से   8 किलोमीटर दूर  रीवा स्टेट  हाइवे पर , इंजियरिंग कालेज के सामने ग्राम निपनियां में कुछ माह पूर्व एक फूड पार्क नामक संस्थान खोला गया, जिसमें दो लोगों के बीच समझौते के बाद व्यवसाय शुरू हुआ। लेकिन यह व्यवसाय धोखे में तब्दील हो गया, जिसमें अब यह पूरा मामला सोहागपुर थाने में जा पहुंचा है जहां तीन दिनों बाद भी पुलिस ने इस मामले में क कार्यवाही नहीं की है और जिसके खिलाफ शिकायत की गई है वो पूरी तरह से निश्चिंत होकर सड़कों पर दौड़ रहा है।
थाना प्रभारी थाना सोहागपुर को  भू माफिया द्वारा कर्मचारी को मारने तथा पीड़ित को परिवार सहित हत्या करा देने की धमकी देने के संबंध पीड़ित सूर्य प्रताप सिंह पिता  रामाधार सिंह निवासी पांडव नगर शहडोल मध्य प्रदेश को लिखित रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि रीवा रोड निपनिया में आर. वी . फुड पार्क  में राम सागर सिंह बबुआ  के साथ पार्टनर हूं, जहां पर मेरे पार्टनर राम सागर सिंह बबुआ पिता लक्ष्मण सिंह  निवासी  निगम कालोनी शहडोल के द्वारा मेरे कर्मचारी दीपक को 17 मार्च 2019  को  मां की गाली देते हुए मारपीट की गई तथा मुझे फोन लगाकर धमकाते हुए कहा गया कि कर्मचारियों को बताया नहीं कि मैं कौन हूं और क्या कर सकता हूं सबसे पहले मैं हू उसके बाद ग्राहक है तुम कल मुझसे आकर मिलो । 
…….  दबंगई की किस्सा है मशहूर… ...
स्मरणीय है कि इस भू माफिया  द्वारा जमीन  पर अवैध कब्जा व मारपीट की कई कारनामें जिले के थानों में दर्ज किये गये और दबाव वस इस भू माफिया से राजीनामा किया गया इसके अलावा परिवार में आरोपित राम सागर सिंह बबुआ ने अपने सगे भाइयों से रुपयों पैरों को लेकर व जमीनी विवाद में अश्लील गाली गलौज के साथ मारपीट की गई जिसकी शिकायतें भी हुई  है। आर वी फुड पार्क में इसके पूर्व भी एक कर्मचारी से विवाद करते हुए उसके ऊपर गर्म चाय फेंक कर गाली देकर मारपीट की जा चुकी है।  

……  . भू माफिया अकसर करता था प्रताड़ित ………..

घटना के बाद उसके बाद आर. वी . फुड पार्क के कर्मचारी दीपक के द्वारा मुझे फोन लगाकर संपूर्ण घटना की जानकारी देते हुए काम ना करने की इच्छा जताई गई जब मैं आर. वी . फुड पार्क पहुंचा तो सभी कर्मचारियों ने मुझे राम सागर सिंह बबुआ की बर्बरता पूर्ण व्यवहार के बारे में अवगत कराया  और बताया कि यह अक्सर पीछे फॉर्म हाउस में बुलाकर कर्मचारियों से मार पीट करता है और हम अब यहां पर काम नहीं कर पाएंगे आप कृपया हमें यहां से सुरक्षित निकल जाने की व्यवस्था करा दें तब मेरे द्वारा राम सागर सिंह के निज निवास पर दूसरे दिन संपर्क किया गया और  अपने कर्मचारियों की इच्छा और आगे साथ में व्यापार ना करने के इच्छा जताई गई और प्रार्थना की गई की साझेदारी अनुबंध के अनुसार आपके द्वारा व्यापार संचालन  के लिए  लगने वाली लागत भी मेरे द्वारा  लगाई गई है  और आप सारा हिसाब-किताब देख कर मुझे वह रकम दे दे ताकि मैं अपने लोन अकाउंट में वापस डाल कर मुक्त हो सकूं परंतु इतना सुनने के साथ ही राम सागर सिंह के द्वारा मुझे बहलाते हुए  मुझे कहा गया कि  मैं कहीं भागा तो नहीं जा रहा हूं, अनुबंध साइन किया हूं  , अनुबंध के अनुसार जो पैसा मेरे को देना है मैं दूंगा  शाम को फार्महाउस में आओ वहीं बैठ कर बात करेंगे ।
फार्म हाउस के बंद कमरे में दी जान से मारने की धमकी 
पीड़ित  का कहना है कि इसके उपरांत जब मैं शाम को आर. वी . फुड पार्क पीछे स्थित फार्महाउस में गया  तो एक बंद कमरे में   मुझे धमकाया गया  की लॉस से मुझे कोई मतलब नहीं है  चुपचाप बिजनेस चलाते रहो ताकि मेरा पजेशंस प्रॉपर्टी में बना रहे अन्यथा   परिवार  सहित तुम्हारी हत्या करा दूंगा  इतना सुनने के साथ ही  मैं काफी भयभीत होकर वहां से वापस आ गया ।
    ……….         धोखे से जाल में फसाया ………...
पीड़ित श्री सिंह  ने कहा कि साल भर पहले राम सागर सिंह और उनका साला राहुल सिंह  मेरे घर आकर फूड पार्क  में पार्टनर बनने संबंधी प्रस्ताव लेकर आए थे  मेरे द्वारा  पूछा गया कि क्या आप के भाई आपके साथ हैं तो इनके द्वारा मुझे  कहां गया कि सब भाई - हम साथ में हैं अब पहले जैसा में बबुआ नहीं रहा मेरे पास काफी संपत्ति आ गई है आप चल कर देखिए मैं बहुत सारी जमीनों का मालिक हूं  और मेरे भाई साथ में ही हैं और जिस जगह जमीन पर आर. वी . फुड पार्क निर्माणाधीन है वह  मेरी है तब मेरे द्वारा  आर. वी . फुड पार्क में पार्टनर बनने की स्वीकृति दी गई एवं मुझे 8 मार्च 2018 को तहसील कार्यालय बुलाया गया जहां  अनुबंध का कागज  लिए इनका कर्मचारी पहले से ही मौजूद था उन्होंने मुझे अनुबंध में साइन करने के लिए कहा और खुद भी उस में साइन किया और अनुबंध की कॉपी मुझे दे दी, तब तक मुझे कुछ आभास नहीं था., मैं कितनी गहरी साजिश का शिकार हो चुका हूं ।
……धमका कर आर. वी . फुड पार्क में पैसा लगवाया …...
उसके बाद लगातार मेरे द्वारा कार से जा कर इनके आर. वी . फुड पार्क के निर्माण में सुपर विजन किया गया जिसके लिए मैंने कुछ अतिरिक्त से चार्ज नहीं किया बल्कि अपने घर का  पैसा मैंने लगा दिया सितंबर अक्टूबर के आस-पास आर. वी . फुड पार्क  लगभग बनकर तैयार हुआ तब मैंने अनुबंध के अनुसार इनसे किचन इक्विपमेंट्स के लिए पैसे की मांग की तो उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि पार्टनर बने हो, पैसा तो तुमको  लगाना पड़ेगा, पैसा नहीं है तो चलो मैं तुमको लोन दिला देता हूं और बाद में दे दूंगा ना सब पैसे क्यों चिंता करते हैं अनुबंध के अनुसार  मुझे केवल खाद उत्पादन से जुड़े हुए लागत ही लगानी थी जिसके लिए मुझे लोन लेने की आवश्यकता नहीं थी परंतु  इन के दबाव में आकर  मेरे द्वारा सेंट्रल बैंक मेन ब्रांच से मकान गिरवी रख कर 11 लाख  रुपए हऊसिंग लोन पर ओडी टॉप अप   लिमिट ली गई और यह पैसा  लगाकर मैंने 31 दिसंबर 2018 को फूड पार्क चालू किया ।
…...बिजली कटवा देने पर षडयंत्र का हुआ एहसास…... 
पीड़ित  ने आगे कहा कि जिस दिन मैंने  आर. वी . फुड पार्क  चालू किया उसी दिन शाम को इनके बड़े भाइयों के द्वारा बिजली कटवा दी गई तब मुझे जानकारी हुई की इस जमीन पर राम सागर सिंह का  अवैध कब्जा है मैं काफी बुरी तरीके से फंस चुका था मेरे पास बिजनेस को चला कर अपना पैसा निकालने के सिवा कोई चारा नहीं था जब मैं बिजली विभाग गया  तब उनके भाइयों के द्वारा की गई शिकायतों  से मुझे  मामले की गंभीरता का एहसास हुआ  कि इस जगह पर फूड पार्क बना हुआ है   उस जमीन पर राम सागर सिंह बबुआ   का कोई अधिकार  नहीं है  बल्कि  इनके द्वारा यह पूरा का पूरा षडयंत्र, इस जमीन पर कब्जा करने के मकसद से किया गया है इनका बिजनेस से कोई लेना देना नहीं था  फिर भी  मैं धैर्य रखते हुए  प्रतिदिन नुकसान उठाते हुए बिजनेस को चलाया  क्योंकि मुझे मालूम था कि  राम सागर सिंह  बबुआ अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है  अगर मैं उससे जाकर यह सब बातें बोलूंगा तो वह मुझे गोली मार देगा  मेरे द्वारा भरसक प्रयास करने के बावजूद बिजली मुझे नहीं मिल पाई जिसके कारण  मेरे लिमिट  लोन का पूरा पैसा  फूड पार्क व्यवसाय में चला गया मेरे द्वारा बार-बार प्रार्थना करने पर कि राम सागर सिंह जी, आप अनुबंध के अनुसार कम से कम व्यवसाय संचालन खर्च तो दीजिए परंतु उनके द्वारा  साफ मना कर दिया गया  कि ऐसे  अनुबंध तो बहुत करता हूं “बाहुबली हूं बाहुबली” मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता तुम मेरा दिमाग मत खराब करो  और एक बात, बाहर जाकर किसी से  यह सब बातें बताई  तो तुम खुद समझदार हो मैं तुम्हारे साथ मैं क्या कर सकता हूं तुम्हें  पुलिस में भी फंसा सकता हूं।  
……  ……..धमकी से परिवार डर के साये में…. …...
पीड़ित ने अपनी आपबीती बताते हुए रिपोर्ट  कहा है कि 31 दिसंबर  से लेकर अब तक   लगातार मैं और मेरा परिवार  काफी  डरा हुआ एवं तनावग्रस्त  चला आ रहा हैं  एवं प्रतिदिन हमें यह चिंता सताती है की बैंक का हमारे पास नोटिस आ जाएगा की मकान  खाली करो  या लिमिट खाते  में पैसा डालो।  
राम सागर सिंह बबुआ के द्वारा मुझे धोखे से  फंसाकर अनुबंध पेपर साइन कराया गया तथा  धमकी देकर  लोन के लिए दबाव दिया गया तथा  बाद में सब पैसा दे दूंगा बोलकर  मुझे  धोखा दिया गया, 17 मार्च 2019  को कर्मचारियों को मारने की घटना के बाद मुझे फार्म हाउस बुलाकर बंद कमरे में मेरे परिवार सहित मुझे जान से मारने की धमकी के बाद से मैंने  फूड पार्क में व्यवसाय संचालन बंद कर दिया है और सारा का सारा सामान आर. वी . फुड पार्क में ही छोड़कर अपनी गर्भवती पत्नी  और  बच्ची   की रक्षा के लिए  स्टाफ के साथ कटनी चला गया था ताकि मेरी पत्नी और बच्ची को सुरक्षा मिल सके  । पीड़ित ने वापस 23 मार्च 2019 को लौट कर मैं यह रिपोर्ट दर्ज कराई  है कि राम सागर सिंह बबुआ आपराधिक प्रवृत्ति के साथ-साथ पैसे से  भी काफी सक्षम व्यक्ति है और उसका शहडोल क्षेत्र में काफी दबदबा भी है । पीड़ित ने थाना प्रभारी से मांग की  है कि  मेरी एफ आई आर दर्ज करते हुए  मुझे सुरक्षा प्रदान करें एवं मेरे व मेरे  परिवार के साथ कोई भी अनहोनी घटना घटित होती है तो उसके जिम्मेदार राम सागर सिंह  बबुआ होंगा ।
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