साइवर क्राइम से बचाव पर महिलाओं को किया गया जागरुक
(दीपक केवट - 7898803849)बुढ़ार।साइवर क्राइम से बचाव विषय पर महिला बालविकास परियोजना बुढ़ार द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया और प्रोजेक्टर के माध्यम से महिलाओं को अपराध से बचाव की जानकारी से अवगत कराया गया। महिला बालविकास विभाग के दिशा निर्देशानुसार जागरुकता गतिविधियों के तहत-अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर परियोजना अधिकारी प्रदीपनारायण मिश्रा के मार्गदर्षन में ्य्साइवर क्राइम से बचाव्य्य विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी जिसमें लगभग तीन सौ महिलाओं की उपस्थिति रहीं। पर्यवेक्षक श्रीमती मोनिका विष्कर्मा, सुश्री सीमा गुप्ता ने आयोजित कार्यषाला में साइवर अपराध को परिभाषित करते हुए बताया कि- मोबाइल, क पूयटर और इंटरनेट का उपयोग गलत कार्य हेतु करना ही साइवर अपराध है और किसी की निजी जानकारी को प्राप्त करना तथा उसका गलत प्रयोग करना या फिर किसी की निजी जानकारी क पूयअर से चोरी कर लेना ही साइवर अपराध हैं। इसके अतिरिक्त महत्वपूर्ण जानकारी में फेरबदल करना, किसी की जानकारी किसी और को देना या उसे नष्ट करना। यह साइवर अपराध की श्रेणी में आता हैं, जिससे सचेत रहने की नितान्त आवश्यकता है। आयोजित कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से लघुफिल्म दिखाया गया। जिसमें सोशलमीडिया के द्वारा किस प्रकार साइवर अपराध को अन्जाम दिया जाता है दिखाया गया तथा सोषलमीडिया जैसे- फेसबुक, यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम, आदि का उपयोग करते समय क्या सावधानी रकनी चाहिये जानकारी से अवगत कराया गया वहीं किसी के साथ कोई साइवर अपराध होता है तो सूचना तकनीक कानून 2000 के तहत वह किस प्रकार से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता हैं इसकी विस्तृत जानकारी से अवगत कराया गया।
