6 दिनो से गुमशुदा युवक की संदिग्ध अवस्था में दफन मिली लाश
(दीपक केवट - 7898803849)
शहडोल। सरई चैकी अंतर्गत निवास करने वाले 45 वर्षीय दलबीर सिंह पिता कंधई सिंह निवासी बोराटोला सरई के गुमशुदगी के 6 दिन बाद 10 मार्च की सुबह उसके शव को पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति में गड्ढा खोद बाहर निकाला गया।
यह है पूरा मामला
मामले की जानकारी के अनुसार दलबीर सिंह के परिजनो ने 8 मार्च को सरई चौकी पहुँच सूचना देते हुए बताया कि दलबीर सिंह 5 मार्च से लापता है, जिसकी तलाश आसपास के लोगो सहित रिश्तेदारो एवं हर संभावित जगहो पर की गई, जहां उसका कोई पता नही चल सका है। जहां सूचना पर पुलिस ने 8 मार्च को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर उसकी पतासाजी में जुट गई। इस बीच दलबीर सिंह के परिजनो एवं ग्रामीणो द्वारा भी दलबीर सिंह को लगातार खोजबीन करते रहे, जहां 10 मार्च की सुबह खोजबीन के दौरान सिंहपुर सीमा क्षेत्र में स्थित पहाडी के पास दुर्गंध आने पर परिजनो एवं ग्रामीणो ने हाथ से गड्ढा खोदा जहां मिट्टी हटाने पर दलबीर सिंह द्वारा पहने हुए शर्ट को देखते हुए सूचना तत्काल सिंहपुर पुलिस को दी गई। जहां सूचना मिलते ही सिंहपुर पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारी तहसीलदार की उपस्थिति में ग्रामीणो व खोजबीन में लगे परिजनो द्वारा बताए गए गड्ढे को खोद कर शव बाहर निकालते हुए पंचनामा तैयार कर शव को पीएम के लिए सिंहपुर अस्पताल ले जाया गया। वहीं सा.उ. नि.श्रीनिवास तिवारी प्रधान आरक्षक विश्णुपाल सिंह, प्रधान आरक्षक महेन्द्र बारगी एवं आरक्षक तथा करन पठार थाना प्रभारी भानुप्रताप सिंह तथा तहसीलदार एस. डी.यम.आदी रहे उपस्थिति |
पुलिस ने किया मर्ग कायम
वहीं सिंहपुर पुलिस का कहना है कि पीएम रिर्पाट एवं डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की पुष्टि एवं शव की पहचान की जा सकती है। जहां पीएम व डीएनए रिर्पाट के बाद ही शव परिजनो को सौंपा जाएगा। वहीं ग्रामीणो के अनुसार दलबीर सिंह अपने चार से पांच साथियों के साथ जंगली जानवरो का शिकार करंट का जाल बिछाकर करता था, जहां संभवतः उसकी मौत जंगली जानवरो के लिए लगाए गए करेंट से होने तथा उसके साथियों द्वारा उसके शव को चोरी छिपे दफना दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
