डॉ राजेश मिश्रा ने नही दिया पारिश्रमिक,
लगवा रहे चक्कर पे चक्कर,
आखिर क्या है पूरा मामला
(दीपक केवट)
शहडोल।मुकेश केवट निवासी-अमलाई, जिला-शहडोल जो कि जिले में संचालित टीबी यूनिट एवं माइक्रोस्कोपिक सेंटर से टीबी मरीजों के बलगम (खखार) की सीबीनाट मशीन से जांच हेतु क्षय केंद्र (टीबी अस्पताल) शहडोल में लाने (परिवहन) का कार्य करते थे । जिन्हें इस कार्य के बदले राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम के अंतर्गत नियमानुसार पारिश्रमिक दिया जाता था । शुरुआत में दो-तीन माह तक इन्हें इनके काम के बदले पारिश्रमिक दिया गया । किंतु माह सितंबर 2019 से जनवरी 2020 तक का पारिश्रमिक नहीं दिया गया ।जिसकी शिकायत उन्होंने जनसुनवाई में कलेक्टर महोदय के पास की एवं मानव अधिकार संगठन से सहायता हेतु भी आवेदन किया ।
श्री मुकेश केवट के द्वारा बताया गया कि पिछले 1 वर्ष से डॉ राजेश मिश्रा (जिला क्षय अधिकारी) इन्हें चक्कर लगवा रहे हैं एवं पारिश्रमिक नहीं दे रहे हैं तथा कमीशन की मांग कर रहे हैं ।
श्री मुकेश केवट के आवेदन पर राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन के द्वारा संज्ञान लिया गया एवं कलेक्टर महोदय को डॉ राजेश मिश्रा (जिला क्षय अधिकारी), जो कि पूर्व में भी जैसिहनगर, व्यवहारी में रहते हुए कई अनियमितता कर चुके हैं । (जिसके तहत व्यवहारी में सफाईकर्मियों से नौकरी लगवाने के नाम पर 10-10 हजार रुपए रिश्वत लिए जाने का मामला अब भी जांच प्रचलन में है । साथ ही जैसिहनगर में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत फर्जी भुगतान लाखों की हेराफेरी का मामला भी प्रकाश में आया था । जो कि अभी जांच हेतु प्रचलन है) की शिकायत की गई तथा मुकेश केवट को नियमानुसार पारिश्रमिक दिलाए जाने का अनुरोध किया गया ।
