बजबजाती नालियां, और प्रदूषण से भरे शौंचालय कलेक्ट्रेट परिसर मे और पुरे शहर मेंं चल रहा स्वच्छ्ता अभियान
शहडोल(दीपक केवट)। शहडोल कलेक्टर की बात कि जाये तो आते ही कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव ने स्वच्छता अभियान का संदेश देते हुए महज 3 दिन में ही अपने हाथों पर झाड़ू लेकर शहर की गलियों पर घूमती और झाड़ू लगाती दिखीं वहीं मौजूदा शहर की हालत को देखा जाए तो पूरे शहर पर बजबजा रही है नालियां कहां गए स्वच्छता अभियान के नारे और कहां गया शहर को साफ बनाने के सपने सारे के सारे ख्वाब नजर आ रहे हैं । क्या सरकार बदलने के बाद यह सारे ख्वाब बदल से गए। बात किया जाए सारे शहर की तो शहर के तकरीबन सभी वार्डों की यही दुर्दशा है जहां पर जिस गली पर आप निकलेंगे गंध मारती गलियां और बजबजाते नाले की बदबू आपके नाक तक पहुंच जायेगी।कहां गये स्वच्छता अभियान के लोग जिन्होंने शहर को एक खूबसूरत ख्वाब की तस्वीर बनाने के लिए कहा था सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए लगाए गए नारे और किए गए काम आज कहीं दिखते नहीं हैं । लोगों की माने तो यह लोकप्रियता हासिल करने के लिए कलेक्टर शहडोल शहर को स्वच्छ बनाने का नारा लगाया खुद कलेक्टर परिसर की बात किया जाए तो कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर ही हर दीवारों में पान मसाले के दाग देखने को मिल जाएंगे शहर की अनेकों इमारतें जहां सरकारी कार्यालय लगते हैं और खुद कलेक्ट्रेट परिसर जहां पर अनेक कार्यालय लोगों के लिए लगाए गए हैं ताकि उनको समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके और समस्याओं का निदान हो सके इन सारे भवनों को देखा जाऐ तो सारे भवनों पर तंबाकू गुटका और पान मसाला और सिगरेट के पाउच नजर आएंगे ।

