कार्यपालन यंत्री उपयंत्री सहित ठेकेदार को 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास,तीन लोगो ने मिल बांटकर किया था भ्रष्टाचार
शहडोल। (दीपक केवट ) मीडिया सेल प्रभारी नवीन कुमार वर्मा एडीपीओ द्वारा जानकारी दी गई कि दिनांक 19 दिसम्बर 2018 को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988) शहडोल के द्वारा विशेष सत्र प्रकरण क्र. 01/13 थाना लोकायुक्त रीवा म.प्र. शासन विरूद्ध अविनाश दुबे वगैरह में आरोपीगण को दोषी पाते हुये राजेन्द्र प्रसाद वैष्य उपयंत्री ब्यौहारी एवं अविनाश दुबे कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास रीवा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)डी11 सहपठित 13 (2) में 4 वर्ष एवं 10000 रू. का जुर्माना,420 में 3 वर्श तथा 500 रू का जुर्माना 465 में 2 वर्ष तथा 500 रू का जुर्माना 467 में 4 वर्ष तथा 100 रू. का जुर्माना 468 में 3 वर्र्ष तथा 500रू. का जुर्माना एवं न्यू विकास कन्ट्रक्सन कंपनी के ठेकेदार महीपाल सिंह निवासी रीवा को 465 में 2 वर्ष तथा 500 रू का जुर्माना 468 में 3 वर्ष तथा 500 रू. का जुर्माना 467 में 4 वर्ष तथा 1000रू जुर्माने से दंडित किया गया।
क्या है मामला
शिकायत कर्ता राजेन्द्र प्रसाद हलवाई द्वारा दिनांक 16 फरवारी 2010 को लोकायुक्त भोपाल म.प्र. को एक आवेदन पत्र मय शपथपत्र के प्रस्तुत किया था, जिसमें खटखरिहा तालाब से बस स्टैणड ब्यौहारी तक रीवा शहडोल के 1200 मीटर मार्ग के चैडीकरण का कार्य निर्वहन में ठेकेदार नगर पंचायत अध्यक्ष मुख्य नगरपालिका अधिकारी व अन्य संबंधित जन द्वारा लापरवाही बरतने से संबंधित शिकायत की गई थी। उक्त शिकायत के आधार पर लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल द्वारा लोकायुक्त रीवा को संबंधित शिकायत की जांच एवं वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।
जांच मेें मिली अनियमितता
जांच के दौरान पाया गया कि काफी लंबी मात्रा में गलत ढंग से काम कराकर फर्जी बिल तैयार कर कुल रू 9.92.890 नौ लाख बायान्वे हजार आठ सौ नब्बे का अधिक भुगतान कर घोटाला किया गया है, जांच उपरांत शिकायत को सही पाया गया था। एवं राजेन्द्र प्रसाद वैश्य उपयंत्री ब्यौहारी, अविनाश दुबे कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन एवं न्यू विकास कन्ट्रक्सन कंपनी के ठेकेदार महीपाल सिंह निवासी रीवा विकास रीवा की संलिप्तपा पाई गई थी। संपूर्ण विवेचना उपरांत लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपीगण के विरूद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
जुर्माने के साथ दण्डित
न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत आरोपगण को दोशी पाते हुये राजेन्द्र प्रसाद वैश्य उपयंत्री ब्यौहारी एवं अविनाश दुबे कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास रीवा को भ्रश्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)डी11 सहपठित 13(2) में 4 वर्श तथा 1000 रू का जुर्माना 468 में 3 वर्ष तथा 500रू का जुर्माना एवं न्यू विकास कन्ट्रक्सन कंपनी के ठेकेदार महीपाल सिंह निवासी रीवा को 465 में 2 वर्ष तथा 500 रू का जुर्माना 468 में 3 वर्ष तथा 500रू का जुर्माना 467 में 4 वर्श तथा 1000रू जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से श्रीमती कविता कैथवास सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शहडोल द्वारा सशक्त पैरवी की गई।
