इंजीनियरिंग छात्रों का भविष्य अंधकारमय,
छात्रों की नहीं लगी कक्षाएं,परीक्षाएं भी हो गई प्रारम्भ
शहडोल (दीपक केवट)। पॉलिटेक्निक कॉलेज में संचालित इंजीनियरिंग कॉलेज की व्यवस्था में अब तक नहीं सुधरी है छात्रों के इतने प्रयास के बाद भी ना तो उनकी मांगे सुनी गई है और न उन पर ध्यान दिया गया।यहां की शैक्षणिक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया है जिसके चलते छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।आलम यह है कि सेमेस्टर में लगभग 2 माह से इंजीनियरिंग छात्रों की कक्षाएं नहीं लगी और उनकी सेमेस्टर परीक्षाएं भी प्रारंभ हो गई है चुनाव के मद्देनजर 15 नवंबर के बाद से पॉलिटेक्निक कॉलेज में चुनावी तैयारियां प्रार्रंभ कर दी गई थी।जिसके चलते इंजीनियरिंग कॉलेज भी बंद हो गया था जबकि इसके पूर्व से प्रशिक्षण व अन्य कार्यों की वजह से पढ़ाई पूरी तरह बन्द है इतने कम समय में कॉलेज में छात्रों की कितनी पढ़ाई हुई होगी इसका आकलन किया जा सकता है अब छात्रों को मुश्किल दौर से गुजरना पड़ रहा है।सेमेस्टर परीक्षाएं प्रारंभ हो गए हैं और छात्रों की तैयारियां कुछ भी नहीं हो पाई ।
पूरे नहीं हुए सभी विषयों के कोर्स
सेमेस्टर परीक्षा के पूर्व कक्षाओं के सही ढंग से संचालन नही होने पर इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों के किसी विषय का कोर्स पूरा नहीं हुआ है बताया जा रहा है कि कई विषयों की शिक्षक नहीं थे और जिनके शिक्षक थे भी तो समय न मिलने के चलते नहीं हो पाए ।
तकनीकी शिक्षा की जानकारी न होना
इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए सबसे बड़ी समस्या तकनीकी ज्ञान है इंजीनियरिंग कॉलेज में लाइव भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है जिसके चलते छात्रों को तकनीकी जानकारी नहीं मिल पाती बताया जा रहा है कि सेमेस्टर में छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा भी अभी तक आयोजित नहीं की गई है।
